Skip to content
Medyzen

इंसुलिन ग्लार्जिन 100 IU/ml: उपयोग, कीमत और सस्ते विकल्प

डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी (शेड्यूल H)

प्रमुख उपयोग: टाइप 1 डायबिटीज़ – लंबे असर वाली "बेसल" इंसुलिन के रूप में, खाने के समय वाली इंसुलिन के साथ; टाइप 2 डायबिटीज़ जब सिर्फ़ गोलियों से ब्लड शुगर काबू में न रहे.

7 लिस्टिंग में MRP ₹113.33 से ₹217.33 प्रति ml तक है। केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही लें।

कीमत तुलना

ब्रांडनिर्मातापैकMRP₹ / mlतारीख
Insulin Glargine Injection IP 100 IU per mlजन औषधिJan Aushadhi (PMBJP)3 ml₹340.00₹113.3319 अक्टूबर 2026
BasalogBiocon5 ml₹841.73₹168.3519 अक्टूबर 2026
XglarEris Lifesciences Ltd5 ml₹893.27₹178.6519 अक्टूबर 2026
NobeglarMankind Pharma Ltd3 ml₹624.64₹208.2119 अक्टूबर 2026
GlaritusWockhardt Ltd3 ml₹640.84₹213.6119 अक्टूबर 2026
BasugineLupin Ltd3 ml₹651.95₹217.3219 अक्टूबर 2026
LantusSanofi India Ltd3 ml₹651.98₹217.3319 अक्टूबर 2026

MRP दिखाई गई तारीख को पैक/लिस्टिंग पर छपी कीमत है; वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।

उपयोग

  • टाइप 1 डायबिटीज़ – लंबे असर वाली "बेसल" इंसुलिन के रूप में, खाने के समय वाली इंसुलिन के साथ।
  • टाइप 2 डायबिटीज़ जब सिर्फ़ गोलियों से ब्लड शुगर काबू में न रहे।
  • दिन में एक इंजेक्शन से 24 घंटे तक इंसुलिन का स्थिर बैकग्राउंड स्तर बनाए रखना।

खुराक

डॉक्टर की तय की हुई खुराक दिन में एक बार, रोज़ एक ही समय पर त्वचा के नीचे लगाएँ – आम तौर पर सोते समय। जाँघ, बाँह के ऊपरी हिस्से या पेट पर लगाएँ, जगह बदलते रहें और गाँठ वाली, नीली पड़ी या निशान वाली त्वचा से बचें; नस या मांसपेशी में कभी न लगाएँ। देख लें कि इंसुलिन साफ़ और रंगहीन है – धुंधली या एक्सपायर हो तो इस्तेमाल न करें। इसे एक ही सिरिंज में दूसरी इंसुलिन के साथ न मिलाएँ। हर इंजेक्शन के लिए नई सुई लें और पेन कभी किसी से साझा न करें। बिना खुले पेन या शीशी फ्रिज में रखें (कभी जमाएँ नहीं); इस्तेमाल हो रहा पेन कमरे के तापमान पर रखें और 28 दिन बाद फेंक दें। शुगर कम होने के लक्षण (पसीना, कंपन, भूख, भ्रम) पहचानें और ग्लूकोज़ या चीनी साथ रखें। डॉक्टर के बिना खुराक या ब्रांड न बदलें।

साइड इफेक्ट

सामान्य

  • ब्लड शुगर कम होना (हाइपोग्लाइसीमिया) – पसीना, कंपन, भूख, धड़कन तेज़, भ्रम।
  • इंजेक्शन की जगह पर लालिमा, दर्द, खुजली या सूजन।
  • जगह न बदलने पर इंजेक्शन की जगह त्वचा का मोटा होना या गड्ढे पड़ना।
  • वज़न बढ़ना।

गंभीर

इनमें से कुछ भी दिखे तो दवा रोकें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।

  • ब्लड शुगर बहुत कम होने से बेहोशी, दौरे या होश खोना – इमरजेंसी।
  • गंभीर एलर्जी – पूरे शरीर पर चकत्ते, घरघराहट, चेहरे या गले में सूजन।
  • पोटैशियम कम होना – मांसपेशियों में ऐंठन, कमज़ोरी, अनियमित धड़कन।
  • अचानक वज़न बढ़ना, टखनों में सूजन या सांस फूलना (शरीर में पानी रुकना, खासकर pioglitazone के साथ)।

सुरक्षा जानकारी

शराब

शराब देर से शुगर कम कर सकती है और उसके चेतावनी लक्षण छिपा सकती है। सुरक्षित सीमा डॉक्टर से पूछें और खाली पेट कभी न पिएँ।

गर्भावस्था

गर्भवती हैं, गर्भधारण की योजना है या स्तनपान करा रही हैं तो डॉक्टर को बताएँ। गर्भावस्था में इंसुलिन की ज़रूरत बदलती है और आपकी खुराक पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।

किडनी की समस्या

किडनी की बीमारी हो तो डॉक्टर को बताएँ – इंसुलिन की ज़रूरत अक्सर घट जाती है और हाइपोग्लाइसीमिया से बचने के लिए खुराक कम करनी पड़ सकती है।

लिवर की समस्या

लिवर की बीमारी हो तो डॉक्टर को बताएँ; इंसुलिन की ज़रूरत बदल सकती है।

बच्चे

डायबिटीज़ वाले बच्चों में बाल-डायबिटीज़ टीम की देखरेख में दी जाती है; खुराक हर बच्चे की अलग होती है।

खुराक छूट जाए तो

पहले से डॉक्टर से पूछ लें कि ऐसे में क्या करना है और लिख लें। दोगुनी खुराक न लें, और उस दिन शुगर ज़्यादा बार जांचें।

अन्य दवाओं के साथ असर

  • डायबिटीज़ की दूसरी दवाएँ (metformin, glimepiride, sitagliptin) – शुगर कम होने का खतरा ज़्यादा; डॉक्टर खुराकों का संतुलन बनाते हैं।
  • स्टेरॉयड (prednisolone, dexamethasone) – ब्लड शुगर बढ़ाते हैं और इंसुलिन की खुराक बढ़ानी पड़ सकती है।
  • बीटा-ब्लॉकर (atenolol, metoprolol) – शुगर कम होने के चेतावनी लक्षण छिपा सकते हैं।
  • Pioglitazone – इंसुलिन के साथ शरीर में पानी रुकने और हार्ट फेलियर का खतरा।
  • बीमारी, उपवास, व्यायाम और खान-पान में बदलाव से इंसुलिन की ज़रूरत बदलती है – शुगर ज़्यादा बार जांचें और डॉक्टर को बताएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Lantus किस काम आती है?

Lantus इंसुलिन ग्लार्जिन है, एक लंबे असर वाली इंसुलिन जो दिन में एक बार लगाने पर टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज़ में स्थिर बैकग्राउंड इंसुलिन देती है। आम तौर पर इसे गोलियों या खाने के समय वाली इंसुलिन के साथ दिया जाता है।

Lantus सुबह लगाएँ या रात में?

दिन में एक बार, रोज़ एक ही समय पर। बहुत लोग सोते समय लगाते हैं, लेकिन सुबह भी ठीक है। डॉक्टर से पूछे बिना समय न बदलें।

Lantus और Basalog में क्या फ़र्क है?

दोनों इंसुलिन ग्लार्जिन 100 IU/ml हैं। Basalog भारत में बना बायोसिमिलर है; Lantus मूल ब्रांड है। डॉक्टर के खुराक समायोजित और मॉनिटर किए बिना ब्रांड न बदलें।

Lantus पेन खोलने के बाद कितने दिन चलता है?

खुला पेन कमरे के तापमान पर, गर्मी और धूप से दूर रखा जाता है, और इंसुलिन बची हो तब भी 28 दिन बाद फेंक दिया जाता है। बिना खुले पेन फ्रिज में रहते हैं।

इंसुलिन ग्लार्जिन के साथ शराब ले सकते हैं?

शराब देर से शुगर कम कर सकती है और उसके लक्षण छिपा सकती है। पीते हैं तो खाने के साथ, सीमित मात्रा में पिएँ और शुगर जांचें।

प्रेगनेंसी में Lantus ले सकते हैं?

गर्भावस्था में डायबिटीज़ का सामान्य इलाज इंसुलिन ही है, और डॉक्टर के तय करने पर ग्लार्जिन दी जाती है। गर्भवती होने का पता चलते ही डॉक्टर को बताएँ, क्योंकि खुराक बदलती है।

Lantus के बाद शुगर कम हो जाए तो क्या करें?

15 g तेज़ी से असर करने वाली चीनी लें – ग्लूकोज़ की गोली, चीनी, जूस – 15 मिनट बाद फिर जांचें और अब भी कम हो तो दोहराएँ, फिर कुछ नाश्ता करें। अगर कोई सुस्त या बेहोश है तो मुँह से कुछ न दें; इमरजेंसी मदद बुलाएँ।

Lantus को दूसरी इंसुलिन के साथ एक सिरिंज में मिला सकते हैं?

नहीं। इंसुलिन ग्लार्जिन को कभी दूसरी इंसुलिन के साथ मिलाना या पतला नहीं करना चाहिए। अलग-अलग इंजेक्शन लगाएँ।

क्या इंसुलिन ग्लार्जिन के लिए पर्ची चाहिए?

हाँ। भारत में सभी इंसुलिन पर्ची वाली दवाएँ हैं और खुराक डॉक्टर ही तय और समायोजित करते हैं।

स्रोत

मेडीज़ेन एडिटोरियल टीम · अंतिम अपडेट

यह पेज सामान्य जानकारी है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछे बिना कोई दवा शुरू, बंद या बदलें नहीं। नियम और शर्तें