रेबीज़ का टीका 1 dose vial: उपयोग, कीमत और सस्ते विकल्प
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी (शेड्यूल H)
प्रमुख उपयोग: कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ या किसी दूसरे स्तनधारी के काटने, खरोंचने या कटी त्वचा पर चाटने के बाद (पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस) – रेबीज़ से बचाव के लिए, जो लक्षण शुरू होने के बाद हमेशा जानलेवा होता है; खतरे वाले लोगों के लिए पहले से टीकाकरण – पशु चिकित्सक, जानवर संभालने वाले, लैब कर्मी, ज़्यादा खतरे वाले इलाकों के बच्चे और दूर-दराज़ जगहों पर जाने वाले यात्री.
7 लिस्टिंग में MRP ₹295.00 से ₹809.14 प्रति ml तक है। केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही लें।
कीमत तुलना
| ब्रांड | निर्माता | पैक | MRP | ₹ / ml | तारीख |
|---|---|---|---|---|---|
| Rabies Vaccine, Human IPजन औषधि | Jan Aushadhi (PMBJP) | 1 ml | ₹295.00 | ₹295.00 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Rabipur | Glaxo SmithKline Pharmaceuticals Ltd | 1 ml | ₹349.35 | ₹349.35 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Vaxirab N | Zydus Cadila | 1 ml | ₹404.40 | ₹404.40 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Rabivax-S | Serum Institute Of India Ltd | 1 ml | ₹407.17 | ₹407.17 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Indirab | Bharat Biotech | 0.5 ml | ₹397.62 | ₹795.24 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Xprab | Sun Pharmaceutical Industries Ltd | 0.5 ml | ₹404.52 | ₹809.04 | 19 अक्टूबर 2026 |
| Abhayrab | Indian Immunologicals Ltd | 0.5 ml | ₹404.57 | ₹809.14 | 19 अक्टूबर 2026 |
MRP दिखाई गई तारीख को पैक/लिस्टिंग पर छपी कीमत है; वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।
उपयोग
- कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ या किसी दूसरे स्तनधारी के काटने, खरोंचने या कटी त्वचा पर चाटने के बाद (पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस) – रेबीज़ से बचाव के लिए, जो लक्षण शुरू होने के बाद हमेशा जानलेवा होता है।
- खतरे वाले लोगों के लिए पहले से टीकाकरण – पशु चिकित्सक, जानवर संभालने वाले, लैब कर्मी, ज़्यादा खतरे वाले इलाकों के बच्चे और दूर-दराज़ जगहों पर जाने वाले यात्री।
- जिन्हें लगातार खतरा रहता है उनके लिए बूस्टर खुराकें।
खुराक
यह इंजेक्शन डॉक्टर या नर्स द्वारा ऊपरी बाँह की मांसपेशी में (छोटे बच्चों में जांघ में) लगाया जाता है – कूल्हे में कभी नहीं। काटने के बाद: घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएँ, एंटीसेप्टिक लगाएँ और उसी दिन अस्पताल पहुँचें। अगर पहले कभी टीका नहीं लगा है तो मानक शेड्यूल दिन 0, 3, 7, 14 और 28 का है (पाँच खुराकें; कुछ केंद्र 4 खुराक का शेड्यूल अपनाते हैं), और गहरे काटने (कैटेगरी III) में दिन 0 पर घाव के आसपास रेबीज़ इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया जाता है। अगर पहले पूरा टीका लग चुका है तो सिर्फ़ दिन 0 और 3 पर दो खुराकें चाहिए। पहले से बचाव के लिए खुराकें दिन 0, 7 और 21 या 28 पर दी जाती हैं। टीकाकरण कार्ड संभालकर रखें और हर खुराक समय पर पूरी करें – बीच में छोड़ने से आप सुरक्षित नहीं रहते।
साइड इफेक्ट
सामान्य
- इंजेक्शन की जगह पर एक-दो दिन दर्द, लालिमा, सूजन या कड़ी गाँठ।
- सिरदर्द, थकान, तबीयत ठीक न लगना।
- हल्का बुखार, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द।
- मितली, चक्कर।
गंभीर
इनमें से कुछ भी दिखे तो दवा रोकें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया – चेहरे या गले में सूजन, पित्ती, सांस लेने में तकलीफ – दुर्लभ; टीकाकरण केंद्र adrenaline तैयार रखते हैं।
- इंजेक्शन के तुरंत बाद बेहोशी – हर खुराक के बाद 15 मिनट बैठें।
- बहुत ही कम मामलों में नसों की सूजन, जिससे कमज़ोरी, सुन्नपन या हिलने-डुलने में तकलीफ हो सकती है।
सुरक्षा जानकारी
शराब
शराब का टीके पर असर नहीं पड़ता, लेकिन कोर्स के दौरान ज़्यादा शराब न पिएँ ताकि खुराकें न छूटें।
गर्भावस्था
रेबीज़ जानलेवा है, इसलिए किसी भी संपर्क के बाद गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीका और इम्युनोग्लोबुलिन दिया जाता है – गर्भावस्था टीका टालने की वजह कभी नहीं है।
किडनी की समस्या
खुराक में बदलाव नहीं; किडनी की बीमारी हो तो डॉक्टर को बताएँ।
लिवर की समस्या
खुराक में बदलाव नहीं।
बच्चे
हर उम्र के बच्चों को, शिशुओं सहित, बड़ों जितनी ही खुराकों के साथ दिया जाता है।
खुराक छूट जाए तो
देर से छूटी खुराक जल्द से जल्द लगवाएँ और वहीं से शेड्यूल जारी रखें – शून्य से दोबारा शुरू न करें। टीकाकरण केंद्र को बताएँ कि कितनी देर हुई।
अन्य दवाओं के साथ असर
- स्टेरॉयड और इम्यूनिटी दबाने वाली दवाएँ (prednisolone, methotrexate, कैंसर की कीमोथेरेपी, कम CD4 वाला HIV) – टीका कम असर कर सकता है; इम्युनोग्लोबुलिन हमेशा दिया जाता है और एंटीबॉडी स्तर की जांच की जा सकती है।
- Chloroquine या hydroxychloroquine – इंट्राडर्मल खुराकों के असर को कमज़ोर कर सकती हैं; डॉक्टर को बताएँ।
- रेबीज़ इम्युनोग्लोबुलिन – टीके से अलग जगह पर लगाना चाहिए, कभी एक ही सिरिंज में नहीं।
- दूसरे टीके – अलग जगह पर साथ-साथ लगाए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुत्ते ने काट लिया – रेबीज़ का टीका कब लगवाना चाहिए?
उसी दिन, हो सके तो कुछ ही घंटों में। पहले घाव को साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएँ, फिर नज़दीकी अस्पताल या सरकारी एंटी-रेबीज़ क्लिनिक जाएँ। पहली खुराक दिन 0 पर लगती है, फिर दिन 3, 7, 14 और 28 पर (कुछ केंद्र 4 खुराक का शेड्यूल अपनाते हैं)। गहरे काटने में घाव के आसपास रेबीज़ इम्युनोग्लोबुलिन भी लगाया जाता है।
अगर कुत्ता पालतू है और उसे टीका लगा है तो भी रेबीज़ का टीका लगवाना ज़रूरी है?
फिर भी डॉक्टर को दिखाएँ। भारत में आम तौर पर टीका शुरू कर दिया जाता है और जानवर को 10 दिन निगरानी में रखा जाता है; अगर कुत्ता स्वस्थ रहे तो डॉक्टर बाकी खुराकें रोक सकते हैं। लक्षण शुरू होने के बाद रेबीज़ 100% जानलेवा है, इसलिए इंतज़ार का जोखिम लेना ठीक नहीं।
Rabipur और Abhayrab में क्या फ़र्क है?
दोनों आधुनिक सेल-कल्चर रेबीज़ वैक्सीन हैं जो WHO के पोटेंसी मानकों पर खरी उतरती हैं। Rabipur चिक-एम्ब्रियो-सेल वैक्सीन है (GSK/Bavarian Nordic); Abhayrab Indian Immunologicals की Vero-सेल वैक्सीन है। कोई भी इस्तेमाल हो सकती है, और कोर्स के बीच एक न मिले तो एक-दूसरे की जगह ली जा सकती हैं।
प्रेगनेंसी में रेबीज़ का टीका सुरक्षित है?
हाँ। चूँकि रेबीज़ हमेशा जानलेवा है, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पूरा पोस्ट-एक्सपोज़र कोर्स दिया जाता है, ज़रूरत हो तो इम्युनोग्लोबुलिन समेत। बच्चे को नुकसान का कोई प्रमाण नहीं है।
रेबीज़ इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) क्या है और क्यों ज़रूरी है?
RIG (जैसे AbhayRIG, Equirab) तैयार एंटीबॉडी है जो घाव में वायरस को तुरंत बेअसर करती है और उन दिनों को कवर करती है जब तक आपकी अपनी इम्यूनिटी नहीं बनती। जिन्हें पहले कभी टीका नहीं लगा, उन्हें कैटेगरी III के काटने (खून बहने वाले घाव, सिर/गर्दन/हाथों पर काटना, चमगादड़ का संपर्क) में दिन 0 पर एक बार दिया जाता है।
कुत्ते के खरोंचने या चाटने पर भी टीका लगवाना पड़ता है?
बिना कटी त्वचा पर चाटने से नहीं। जो खरोंच या हल्का काटना त्वचा तोड़ दे लेकिन खून न निकले (कैटेगरी II) उसमें टीका चाहिए। खून निकालने वाला कोई भी काटना, या कटी त्वचा, मुँह या आँखों पर चाटना (कैटेगरी III) हो तो टीका और इम्युनोग्लोबुलिन दोनों चाहिए।
मेरी दिन 7 की खुराक छूट गई – क्या दोबारा शुरू करना पड़ेगा?
नहीं। छूटी खुराक जल्द से जल्द लगवाएँ और बाकी खुराकें उतने ही अंतर पर जारी रखें। क्लिनिक को बताएँ कि कितने दिन देर हुई; वे आपके कार्ड पर तारीखें बदल देंगे।
पिछले साल रेबीज़ का पूरा कोर्स लिया था – दोबारा काट ले तो क्या करें?
आपको सिर्फ़ दो बूस्टर खुराकें चाहिए, दिन 0 और दिन 3 पर, और इम्युनोग्लोबुलिन नहीं। प्रमाण के तौर पर अपना पुराना टीकाकरण कार्ड साथ रखें।
भारत में रेबीज़ का टीका मुफ़्त कहाँ मिलता है?
सरकारी अस्पताल और एंटी-रेबीज़ क्लिनिक पोस्ट-एक्सपोज़र टीकाकरण मुफ़्त करते हैं। प्राइवेट केमिस्ट भी पर्ची पर रखते हैं; यह शेड्यूल H उत्पाद है और इस्तेमाल तक 2 से 8 डिग्री पर फ्रिज में रखना ज़रूरी है।
स्रोत
- eMC – Rabipur patient leaflet (19 अक्टूबर 2026)
- NHS – Rabies (19 अक्टूबर 2026)
- NPPA Pharma Sahi Daam (ceiling prices) (19 अक्टूबर 2026)
- PMBI Jan Aushadhi Product & MRP List (19 अक्टूबर 2026)
मेडीज़ेन एडिटोरियल टीम · अंतिम अपडेट
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